सोमवार, 29 सितंबर 2008

जलता भारत

आजकल प्रतिदिन समाचार पत्रों एवं टी वी चैनलों में जगह जगह बम विस्‍फोटों की खबरें भरी रहती हैं, भारत जैसे लोकतांत्रिक देश में ऐसी घटनाएं चिंतित करती हैं , गांधी और गौतम का यह देश
किस दिशा में जा रहा है
? आज आवश्‍यकता इस बात की है कि हम अपने विचारों की अभिव्‍यक्ति के लिए अहिंसक तरीकों को अपनायें, शासन तंत्र में निर्णायक पदों पर विराजमान लोगों की ओर से इस बात के प्रयास किए जाने चाहिए कि शांतिपूर्ण ढंग से रखी जाने वाली मांगों पर गंभीरता से विचार हो, ताकि देश‍ विरोधी ताकतें युवा शक्ति को बरगलाकर आतंकवाद के रास्‍ते पर न ले जा सकें ,,,,

1 टिप्पणी:

संजीव तिवारी ने कहा…

नियमित लेखन के लिये बधाई, अजय भाई । मैं समयाभाव के कारण टिप्‍पणी नहीं कर पाया था ।


अन्‍यथा नहीं लेंगें ।


ये वर्ड वेरीफिकेशन हटा देवें - लागईन टू ब्‍लागर - डेशबोर्ड - सेटिंग - वर्ड वेरीफिकेशन - नहीं