रविवार, 24 अगस्त 2008

BAMBOO DANCE


छत्‍तीसगढ में प्रचलित बांस गीत की परंपरा सदियों से चली आ रही है, बांस को साज के रूप में इस्‍तेमाल कर गाया जाना वाला यह अनूठा लोकगीत है, यहां शिलांग में रहते हुए मैंने पूर्वोत्‍तर की लोककला को छत्‍तीसगढी लोकजीवन के करीब पाया,मिज़ोरम में बांस को वाद्य यंत्र के रूप में प्रयोग करते हुए बेंबू डांस यहां के लोग करते हैं,मिजो भाषा में चेरो डांस कहते हैं, छत्‍तीसगढ के पंथी नाच की तरह यह भी ध्‍यान और फुर्ती का नृत्‍य है,इस नृत्‍य की भाव-भंगिमायें बेहद आकर्षक लगती हैं ,हमारे विद्यालय के एक कार्यक्रम में बेंबू डांस करते हुए मिजो विद्यार्थी,,,,

2 टिप्‍पणियां:

rajneesh ने कहा…

शानदार जानकारी श्रीमान, आपने बहुत सुन्‍दर पेज बनाया है, लोककला के क्षेत्र में आप जैसे लोगों के विचार एवं टिप्‍पणियों का विशेष सम्‍मान किया जाना चाहिए, ऐसे ही काम करते रहिए, हमारी शुभकामनाएं आपके साथ है,

दीपक ने कहा…

उत्तम जानकारी ! आभार